मेरे जीवन की कुछ रोचक घटनाये और --
04-10-90 की शाम JNU के सतलज होस्टल के सामने ३ दिन का 13 वर्षीय श्री रमेश यादव के साथ उपवास / आमरण अनशन की समाप्ति पर वि वि परिवार के समक्ष/ AMC परिवार सहित को सम्बोधित करने का अवसर मिला--
प्रमुख विन्दु ------
अय ! JNU/AMC परिवार ---
सभी को प्रणाम --नमन , विवेक स्पर्श
बुद्धजीवियों का केंद्र अय ! JNU / AMC परिवार - आप् सभी बुद्धिजीवी होने का प्रमाण दें राष्ट्र की ज्वलंत समस्यों का सरल , बौद्धिक , व्यवहारिक ,अल्पकालिक, आर्थिक , तात्कालिक ,संवैधानिक ,प्राकृतिक समाधान दो अन्यथा आज से अपने को बुद्धिजीवी कहना छोड़ दें और मुझ से समाधान लें l सवालों की बौछार दोनों तरफ से --मेरी यादगार में ----
सभी को प्रणाम --नमन , विवेक स्पर्श
बुद्धजीवियों का केंद्र अय ! JNU / AMC परिवार - आप् सभी बुद्धिजीवी होने का प्रमाण दें राष्ट्र की ज्वलंत समस्यों का सरल , बौद्धिक , व्यवहारिक ,अल्पकालिक, आर्थिक , तात्कालिक ,संवैधानिक ,प्राकृतिक समाधान दो अन्यथा आज से अपने को बुद्धिजीवी कहना छोड़ दें और मुझ से समाधान लें l सवालों की बौछार दोनों तरफ से --मेरी यादगार में ----
मेरा पहला सवाल दलित /अगड़ा / पिछड़ा कौन ? तथाकथित जन्म आधारित पहचान फ़र्जी है कर्म आधारित पह्चान होती है
सब की सिट्टी पिट्टी गुम
मेरा जबाब था-
दलित वो जिसकी कोई न सुने l
मेरा जबाब था-
दलित वो जिसकी कोई न सुने l
अगड़ा / पिछड़ा कौन ? डॉ पाल के अनुसार ------
कोई मेरे घर आये और उसे मैं उसे दूध दही मट्ठा पिलाऊँ तो पिछड़ा और उनके घर जाए और वो दारू पिलायें तो अगडे l
कोई मेरे घर आये और उसे मैं उसे देशी घी के परांठे खिलाऊँ तो पिछड़ा और उनके घर जाए और सड़े गले फ्रेंच टोस्ट खिलाएं तो अगडे l
कोई मेरे घर आये शादी के लिए मेरी बेटी को देखने और पूरे बदन में कपड़े लपेटे होने वाले ससुर के चरण छो कर शर्माती हुई निचे बैठ जाय तो पिछड़ा और उनके घर जाए और शादी के लिए उनकी बेटी को देखने और पूरे लगभग नंगे बदन में होने वाले ससुर हेलो हाय बोलती हुई बराबर बैठ जाए तो अगडे l एडवांस परिवार
पिछड़े अपनी बहन बेटी से खले में बात करे तो बदचलनी का आरोप और अगड़ों की बहू बेटियां गाड़ी लेकर क्ल्बो में जाय
ऐसे तमाम हालातों का जिक्र --जो अगड़ा / पिछड़ा कौन ? की पहचान कराए दिए गये
ऐसे तमाम हालातों का जिक्र --जो अगड़ा / पिछड़ा कौन ? की पहचान कराए दिए गये
इस हिसाब से मुट्ठीभर लोग अगड़े बाकि सब दलित व् पिछड़े हैं
सन्नाटा छा गया
फिर सवालों की बौछार ---और मेरे सामाजिक और वैज्ञानिक आधार पर सरल , बौद्धिक , व्यवहारिक ,अल्पकालिक, आर्थिक , तात्कालिक ,संवैधानिक ,प्राकृतिक एवं त्वरित समाधान से पूरा JNU/AMC परिवार स्तब्ध
तमाम लिखित प्रसंशा पत्रों की झड़ी लग गयी
एक सवाल सबसे क्या पैदा होते मेरा बेटा प्रोफेसर लिखेगा ?
फिर चतुर्वेदी की संतान चतुर्वेदी केसे ?आदि आदि
फिर चतुर्वेदी की संतान चतुर्वेदी केसे ?आदि आदि
क्रमश.
JNU/AMC----ज्वाहरलाल नेहरू विवि / एंटी मंडल कमीशन
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