Thursday, 13 July 2017

Vijay Pal pmdrvnpalcm13@gmail.com

10:24 PM (0 minutes ago)
to Swaraj
अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के संरक्षण में किसान मुक्ति यात्रा की सफलता के लिए शुभकामनाएं--
डॉ वी  एन पाल -- संरक्षक --किसान आन्दोलन 

                               - एक सुझाव --

जय जवान - जय किसान का नारा अक्सर दिया जाता है l मैंने आज तक दोनों को एक साथ एक मंच से राष्ट्र को न तो संबोधित करते  देखा है और न सुना है l हाँ जन्तर मन्तर पर दोनों को अलग अलग मंचों से दहाड़ते हुए अवश्य देखा  है l अनेकों  किसान संगठन हैं किसान यूनियन जिंदाबाद का नारा सुनते सुनते लगाते लगाते थक गये हैं l हमारे देश के सभी किसान यूनियनों के मुखिया अपनी अपनी चौधराहट /अहम /स्वार्थपरकता /पहचान त्यागकर आपस में  एक साथ  हों और जवानों को भी साथ लें l  हम देश के भोले भाले किसानों की ओर से दोनों शक्तियों को आवाज देकर आगाह कर  रहे हैं अनुरोध /अधिकार /आदेश कर रहे हैं कि जन्तर मन्तर पर एक साथ  एक मंच पर दिखाई दे  l जय जवान - जय किसान का नारा तभी सार्थक होगा जब   किसानों के साथ में जवानों को भी जोड़ा जाय l इस भावना को लेकर मेरा प्रयास चल रहा है l मैंने इस सन्दर्भ में ONE RANK ONE PENSION के प्रणेता जनरल सतवीर सिंह से लगभग एक वर्ष पूर्व प्रस्ताव रखा था जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार किया l विभिन्न किसान संगठनों से भी इस प्रस्ताव  को लेकर बराबर संपर्क साध रहा हूँ l राष्ट्रपति से मनोनीत पूर्व सांसद सरदार भूपेन्द्र सिंह मान --बटाला से हैं जो इस समय किसान समन्वय समिति के हाल ही में अध्यक्ष भी चुने गये हैं के संज्ञान में भी यह विचार लाने का प्रयास किया है l अभी १५ जून को जन्तर मन्तर पर हुयी किसान महापंचायत मै भी मंच से अपनी भावना को स्वामी अग्निवेश जी व् टिकैत बंधुओं की मौजूदगी में प्रगट की है l इतिहास में पहली बार जवानों ने  जन्तर मन्तर पर ऐतिहासिक मंच दो वर्षों से अधिक समय हो गया है लगाया हुआ है  l मै अक्सर वहां जाता हूँ उनके मुद्दे पर देश के अनेक क्षेत्रों में भी गया हूँ  पूरे देश के  किसानों/जवानों से मेरा  आवाहन है कि वे १८ जुलाई को जन्तर मन्तर पर ONE RANK ONE PENSION के पहले से लगे मंच से एक साथ हुंकार  भरें अन्यथा इतिहास किसी को माफ़ नहीं करेगा ? 
                    मेरा मानना  है कि सीमा पर तैनात जवान और खेतों पर खून पसीने से लथपथ मेहनतकश किसान के मुट्ठीभर रहनुमा एक मंच पर आ जायं तो देश की काया कल्प हो जाएगी और जाहिल और गवारों की श्रेणी में आने वाले किसानों /जवानों को तवाह करने वाले भागते नजर आंएगे l 

क्रमश:
डॉ वी एन पाल 



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