Saturday, 9 September 2017

SEZ / Trans Ganga City परियोजनाओं को लेकर आन्दोलित किसानों को उन्नाव जिला प्रशासन द्वारा परम्परागत गलत तरीके से प्रतिबंधित किये जाने के सम्बन्ध में ---

                                                             खुला पत्र


प्रतिष्ठा में --जिलाधिकारी महोदय ,
उन्नाव
विषय ----SEZ / Trans Ganga City  परियोजनाओं को लेकर  आन्दोलित किसानों को उन्नाव जिला प्रशासन द्वारा परम्परागत गलत तरीके से प्रतिबंधित किये  जाने के सम्बन्ध में ---

महोदय /महोदया  --
                             जिला प्रशासन जिन्दावाद / पुलिश प्रशासन जिन्दावाद

       आशा है कि आप अपने तंत्र  के माध्यम से उक्त विषय से आंदोलित किसानों की पीड़ा को समझ रहीं होगीं l मुझे विश्वस्त सूत्रों से अवगत हुआ है की १४-0९ -१७ से पहले निजी मुचलका न भरने वालों को जेल में डाल दिया जायेगा जब कि होना यह चाहिए की गलत तरीके से रिपोर्टिंग करने वाले लोगों को जेल में डालना समय की मांग होनी चाहिये  l  किसानो  से बजाय  उन्हें न्याय की जगह प्रताड़ित किया जाना कहाँ तक उचित है ? यह तो एक तरह से सरकारी शक्तियों का दुरूपयोग हुआ  l
     पूरे मामले  की जड़ का नाम तत्कालीन जिलाधिकारी -२००२ का बहु फसली कृषि योग्य  भूमि को बंजर भूमि दिखाना  है l 

          आप को प्राप्त विवेकाधिकार जो आपका विशेषाधिकार है का प्रयोग करते हुए अपने अधीनस्थ अधिकारीयों / कर्मचारियों को निर्देशित करें कि  अनुशासित किसानों  के साथ  टकराव की स्थितियां पैदा न करे l अगर किसानों को जेल में डालने से सभी समस्याओं का निदान संभव है तो आज ही इसी वक्त  पूरे क्षेत्र के किसान मय बीबी बच्चों एवं उन पर आश्रित जानवरों के साथ शंकरपुर सराय के रामलीला मैदान में आत्म समर्पण के लिए तैयार हैं l अनुशाषित किसान आन्दोलन को जेल भरो आन्दोलन केलिए विवश न किया जाय l
              किसान अपना पक्ष रखने के लिए 01-09-17 को बड़ी सख्या में अपने हितेषी एवं संरक्षक विना मुकुट की रानी जिलाधिकारी महोदया जी आपके कार्यस्थल उन्नाव गये थे आप वहां मौजूद भी थीं क्योकि वार्ता के लिए 5 से 11 लोगों को  आमंत्रित भी किया था आपने -- पर आपने प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाकर  किसानों के बीच न आने की जिद पूरी की  l किसानों ने विवाद को बढ़ाना उचित नहीं समझा l अब आप स्वयम किसानों के बीच आंय l 15-09 -17 को  भारी  तादाद में अपने पास बुलाने के लिए  किसानों को  विवश न किया जाय l अपनी महनत  की कमाई से आते हैं l उन्हें आतंक के रस्ते पर जाने के लिए विवश न करें l आप अपनी शक्तियों का परम्परागत नहीं रचनात्मक प्रयोग करे l
क्रमश:

हम सब आपके --

श्रीमती सम्पत पाल -संरक्षक  किसान आन्दोलन / राष्ट्रीय कमांडर गुलाबी गैंग
कुमारी सरस्वती -संरक्षक  किसान आन्दोलन / उन्नाव जिला  कमांडर गुलाबी गैंग
श्रीमती पुष्पा सिंह -संरक्षक  किसान आन्दोलन / रायबरेली जिला  कमांडर गुलाबी गैंग
श्रीमती अंजलि श्रीवास्तव -संरक्षक  किसान आन्दोलन / कानपुर जिला  कमांडर गुलाबी गैंग
डॉ वी एन पाल --संरक्षक  किसान आन्दोलन -आचार्य गणित -सी एस जे एम् विवि  कानपुर

Vijay Pal <pmdrvnpalcm13@gmail.com>

7:51 AM (53 minutes ago)


to dmunn

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