प्रतिष्ठा में –
09-11-2017
श्री रविकुमार एन जी
जिलाधिकारी उन्नाव
विषय -- एस ई जेड कानपुर के नाम पर
तीन गाँव की परगना सिकन्दर पुर तहसील व् जनपद उन्नाव में लगभग ११५२ एकड़ बहु
फसलीय कृषि योग्य भूमि की विना अर्जन प्रक्रिया पूर्ण कराए UPSIDC के नाम नामांतरण को
निरस्त कर तत्काल काश्तकारों के नाम दर्ज करने व् उच्चस्तरीय जन एवं
न्यायिक जाँच कर जिम्मेदारों को कड़े से कड़े दंड की प्रत्याशा हेतु --
महोदय ,
आपका ध्यान
प्राप्त हो की उक्त संदर्भित विषय पर किसान एक लम्बे समय से अपने हक के लिए आंदोलित है अपनी फरियाद में दर दर की ठोकरें खाकर तबाह हो चुका है l निराश
हताश किसान अपने अस्तित्व की अंतिम लडाई लड़ रहा है l ऐसे में आपका जिलाधिकारी के रूप में आगमन एवं
आपकी कार्यशैली एवं भावनाओं से ओतप्रोत
होकर आशान्वित हुआ है कि आप का प्रस्ताव
कि किसानों की पीड़ा सरकार के संज्ञान में लाएंगे और उसका समाधान निकालेंगे l
किसानों को लगने लगा है कि अब पूर्ण राहत
अवश्य मिलेगी l तहसीलदार न्यायिक श्री अनिल सरोज के माध्यम से आपके सन्देश एवं
भावनानुसार किसानों की प्रमुख मांगे त्वरित संदर्भार्थ (Ready Reference )निम्नवत हैं जिन्हें समय समय पर
विभिन्न माध्यमों से ततसंबंधितों को भेजी जाती रहीं हैं
1-
2002
में जिला प्रशासन उन्नाव द्वारा UPSIDC की
तथाकथित SEZ जो
अब Trans Ganga City परियोजना
के लिए भूमि अधिग्रहण की गयी थी तमाम विसंगतियों
से परिपूर्ण है - को संज्ञान में लेकर
तत्कालीन - लखनऊ मंडल आयुक्त -श्री विजय शंकर पाण्डेय के आदेश पत्र 17-6-2008- एवं
श्री शिवाकांत ओझा - अपर आयुक्त प्रशासन के निर्देश पत्र दिनांक 08-08-08 का अनुपालन सुनिश्चित किया जाय l किसानों की
जमीनें उनके नाम नामांतरित की जांय l
2-
आपकी भावनाओं एवं सुझाव “ पुरानी घटनाओं पर पर्दा डालकर नये सिरे से बात कर
मामले को सुलझाने के प्रयास किये जांय ” की कद्र करते हुए किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए यदि कोई परियोजना सुनिश्चित
विकास हेतु आप द्वारा प्रस्तावित होगी तो
नये भूमि अधिग्रहण अधिनियम की छाँव में किसानों की आम सहमति से गंभीरता
पूर्वक विचार कर ही अधिग्रहीत की जाय l
3-
भूमि अधिग्रहण के विषयगत प्रकरण में किसानों के
साथ दोषी शोषणकारी दलालों / अधिकारियों / कर्मचारिओं की संपत्ति की जांच कर विधिक
कार्यवाही की जाय l किसानों के ऊपर दर्ज झूंठे मुकद्दमे वापिस लिए जांय l
आपसे अनुरोध
है / आप पर अधिकार है अन्यथा आपको आदेश के
साथ अपेक्षा की जाती है कि आप अपनी अंतरात्मा की आवाज पर पद प्रतिष्ठा की गरिमा
कायम रखते हुए लोक जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए अपने अधिकारों का सदप्रयोग करते
हुए यथाशीघ्र प्रभावी कदम उठाकर सदियों से पीड़ित किसानों को परम्परागत कार्यशैली
से इतर (Rule of the Law) के
अनुसार ऐतिहासिक कदम उठाते हुए हम किसानों को आन्दोलन से मुक्ति / UPSIDC जैसी तमाम
उपक्रमों की चोर बाजारी से राहत दिलाएंगे l
इसी आशा
के साथ आभारी होंगे – हम सब पीड़ित किसान –
हीरेन्द्र निगम (9616462949), सनोज
यादव (9792291229) एवं
अन्य सभी किसान l
संलग्नक -
1- श्री विजय शंकर पांडे -आयुक्त, लखनऊ मंडल लखनऊ पत्र
दिनांक१७-०६-२००८
2- श्री शिवानन्द ओझा -अपर आयुक्त -प्रशासन पत्र
दिनांक-8-8-2008
3-
वरिष्ठ परियोजना अधिकारी UPSIDC का डॉ
बी एन पाल के नाम पत्र
दिनांक 24—10-17
4-भारत
के राष्ट्रपति एवं उत्तर प्रदेश के राज्यपाल के नाम किसानों का खुला पत्र
5-पूर्व
में दिया गया मांग पत्र /ज्ञापन 01-09-17
को जिलाधिकारी के प्रतिनिधि को किसान रैली में
जिला मुख्यालय उन्नाव में
संरक्षक –किसान आन्दोलन –
श्रीमती
सम्पत पाल –राष्ट्रीय कमांडर गुलाबी गैंग (7080704478)
डॉ वी
एन पाल प्रोफेसर /विभागाध्यक्ष गणित U I E
T (CSJMU)Kanpur(7007967764, 0512-2770066) email:- pmdrvnpalcm13@gmail.com
प्रतिलिपि तत्सम्ब्न्धितों
को................................






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