Tuesday, 14 March 2017
Sunday, 12 March 2017
http://www.rashtriyasahara.com/epapermain.aspx?queryed=12‘‘यूआईईटी’ को 17 साल बाद भी नहीं मिली स्वायत्तता
तीन साल पूर्व गठित हुआ बीओजी, पर नहीं हुई एक भी बैठक
विवि प्रोफेसर ने राज्यपाल से लगायी आदेशों पर अमल की गुहारकतिपत अधिकारियों पर विवि परिवार के लोगों के उत्पीड़न का आरोप
सीएसजेएमयू में संचालित यूनिवर्सिटी इंस्टीटय़ूट आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नालॉजी (यूआईईटी, पूर्व नाम आईईटी) को राजभवन के संबंधित आदेश के 17 साल बाद भी वास्तविक ‘‘स्वायत्तता’ नहीं मिल सकी है। संस्थान को अपने संसाधनों के उपयोग तक के लिए विवि प्रशासन की अनुमति पर निर्भर रहना होता है। इससे संस्थान की शैक्षिक गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार के कार्य भी उपेक्षित चल रहा है। विवि के जिम्मेदारों की कोशिश इस संस्थान को ‘‘स्वायत्त’ न कर इस पर अपना वर्चस्व बनाये रखने की है।यूआईईटी के प्रोफसर व गणित विभाग के हेड डॉ.वीएन पाल ने यूआईईटी के ‘‘स्वायत्तता’ के मुद््दे को फाइलों में कैद कर दिये जाने पर चिंता जताते हुए प्रदेश के राज्यपाल व विवि कुलाधिपति राम नाईक से मुलाकात की। उन्होंने राज्यपाल से राजभवन से जारी आदेश को सीएसजेएमयू द्वारा सम्मान न किये जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने राज्यपाल के समक्ष विवि की कार्यशैली पर उंगली उठाते हुए शिकायत की कि विवि के कतिपय अधिकारी राजभवन व शासकीय आदेशों का सम्मान न कर विवि परिवार को लोगों का मानसिक-आर्थिक उत्पीड़न करते हैं। उन्होंने राज्यपाल से राजभवन से जारी आदेश को सम्मान सुनिश्चित कराने व विवि के लोगों को यंतण्रा से मुक्ति दिलाने की मांग की। उन्होंने पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच करा दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई किये जाने की बात भी कही है।प्रो.पाल के मुताबिक विवि में आईईटी की स्थापना के बाद इस संस्थान को ‘‘स्वायत्तता’ प्रदान करने के प्रस्ताव को राजभवन द्वारा अनुमोदित किया गया व इस संबंध में आदेश जारी किये गये। उक्त आदेश के 17 साल बाद भी संस्थान को ‘‘स्वायत्तता’ नहीं प्रदान की जा सकी है। उनका कहना है कि उनके प्रयास पर विवि के पूर्व कुलपति प्रो.अशोक कुमार ने इस प्रकरण को महत्ता देते हुए संस्थान के लिए बोर्ड ऑफ गर्वनर (बीओजी) का गठन किया। बीओजी की गठन तो किया गया, लेकिन तीन साल में इसकी एक भी बैठक नहीं हुई। इस कारण ‘‘स्वायत्तता’ का मामला अभी भी ‘‘फाइलों’ में कैद है।विवि प्रोफेसर की शिकायत है कि विवि के कतिपय अधिकाररी राजभवन, शासव व खुद विवि तक के आदेशों का सम्मान नहीं करते। विभिन्न प्रकरणों को लंबित कर तरह-तरह से विवि परिवार को लोगों का उत्पीड़न करते हैं। उन्होंने राज्यपाल से राजभवन से जारी आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित कराये जाने की अपेक्षा की है।
http://www.rashtriyasahara.com/epapermain.aspx?queryed=12 उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराने की मांग
लखनऊ के कथित आतंकी मुठभेड़ कांड
कानपुर विवि के शिक्षक ने लिखा राष्ट्रपति को पत्र
पत्र में कहा गया है कि उक्त प्रकरण को लेकर समाज में नागरिकों के बीच तमाम भ्रांतियां व भ्रम है
कानपुर विवि के वरिष्ठ शिक्षक डॉ.वीएन पाल ने देश के राष्ट्रपति को पत्र लिखकर विगत दिनों लखनऊ में खुफिया एजेंसियों के साथ हुई मुठभेड़ में मारे गये कथित आतंकी सैफुउल्ला प्रकरण की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराने की मांग की है। डॉ. पाल ने पत्र में कहा है कि उक्त प्रकरण को लेकर समाज में नागरिकों के बीच तमाम भ्रांतियां व भ्रम व्याप्त है, खास कर कानपुर के नागरिकों में। उन्होंने भ्रम निवारण के लिए उक्त प्रकरण की न्यायिक जांच करायी जानी चाहिए। न्यायिक जांच से दूध का दूध व पानी का पानी हो जायेगा व सच्चाई जनता के सामने आयेगी।डॉ.पाल ने पत्र में कहा है कि उन्हें जानकारी मिली है कि सच्चाई कुछ और है। लिहाजा वास्तविकता का पता लगाया जाना चाहिए। उनका कहना है कि देश के किसी भी नागरिक के जीवन का राष्ट्र के लिए काफी महत्व है। मृतक कथित आतंकी यदि दोषी था, तो उस अनुरूप आवश्यक कदम उठायें जायं और यदि जांच में वह निदरेष निकलता है तो दोषियों को सजा दी जाय। उन्होंने पत्र में यह भी कहा है कि यदि राष्ट्रपति इस मामले में हस्तक्षेप कर उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराने विषयक कदम नहीं उठाते हैं, तो उक्त प्रकरण के पीछे उनकी भी मौन स्वीकृति मानी जायेगी।
द सहारा न्यूज ब्यूरोकानपुर।
लखनऊ के कथित आतंकी मुठभेड़ कांड
कानपुर विवि के शिक्षक ने लिखा राष्ट्रपति को पत्र
पत्र में कहा गया है कि उक्त प्रकरण को लेकर समाज में नागरिकों के बीच तमाम भ्रांतियां व भ्रम है
कानपुर विवि के वरिष्ठ शिक्षक डॉ.वीएन पाल ने देश के राष्ट्रपति को पत्र लिखकर विगत दिनों लखनऊ में खुफिया एजेंसियों के साथ हुई मुठभेड़ में मारे गये कथित आतंकी सैफुउल्ला प्रकरण की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराने की मांग की है। डॉ. पाल ने पत्र में कहा है कि उक्त प्रकरण को लेकर समाज में नागरिकों के बीच तमाम भ्रांतियां व भ्रम व्याप्त है, खास कर कानपुर के नागरिकों में। उन्होंने भ्रम निवारण के लिए उक्त प्रकरण की न्यायिक जांच करायी जानी चाहिए। न्यायिक जांच से दूध का दूध व पानी का पानी हो जायेगा व सच्चाई जनता के सामने आयेगी।डॉ.पाल ने पत्र में कहा है कि उन्हें जानकारी मिली है कि सच्चाई कुछ और है। लिहाजा वास्तविकता का पता लगाया जाना चाहिए। उनका कहना है कि देश के किसी भी नागरिक के जीवन का राष्ट्र के लिए काफी महत्व है। मृतक कथित आतंकी यदि दोषी था, तो उस अनुरूप आवश्यक कदम उठायें जायं और यदि जांच में वह निदरेष निकलता है तो दोषियों को सजा दी जाय। उन्होंने पत्र में यह भी कहा है कि यदि राष्ट्रपति इस मामले में हस्तक्षेप कर उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराने विषयक कदम नहीं उठाते हैं, तो उक्त प्रकरण के पीछे उनकी भी मौन स्वीकृति मानी जायेगी।
द सहारा न्यूज ब्यूरोकानपुर।
Friday, 10 March 2017
To set up high level Judicial inquiry of recent killing by STF in Lucknow
Inbox
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9:35 AM (5 minutes ago)
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An open Letter to all Concerned
To the -
Honorable President of India ,
Union Government of India
President House -New Delhi
Through -- Proper Channel i.e. D M Kanpur
Subj- To set up high level Judicial inquiry of recent killing by STF in Lucknow
Hon'ble Sir ,
You are requested to kindly set up high level Judicial inquiry of recent killing by STF in Lucknow to remove the illusion ,confusion misunderstanding among the fellow citizen of our nation in particular of Kanpur .It has come to my notice that truth is otherwise right .The facts should be find out as every fellow citizen is a most precious item/individual of the universe.
Who is responsible to convert our fellow citizen into terrorist is a big question before you being First Citizen / Prez / All in All / Head of the Nation / Family ? I have answer with solution .
It is the first and foremost duty of you being the Head of the Family to take care of each and every member of the family otherwise you have no right to continue on the apex post of the Nation / State .
kindly acknowledge & response the mail in time otherwise silence amount to admission
With regards
Affectionately Yours
Dr V N Pal
A simple Citizen Of India
Prof & Head Dept Of Maths
UIET - C S J M University Kanpur
123, Ram Ganga Housing Complex
G T Road Naramau Kanpur -209217
Tel: 051222770066, 7850838083, 7266010745, 9305574610
whatsup no:7007967764,8765071871, 8765381614
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