http://www.rashtriyasahara.com/epapermain.aspx?queryed=12 उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराने की मांग
लखनऊ के कथित आतंकी मुठभेड़ कांड
कानपुर विवि के शिक्षक ने लिखा राष्ट्रपति को पत्र
पत्र में कहा गया है कि उक्त प्रकरण को लेकर समाज में नागरिकों के बीच तमाम भ्रांतियां व भ्रम है
कानपुर विवि के वरिष्ठ शिक्षक डॉ.वीएन पाल ने देश के राष्ट्रपति को पत्र लिखकर विगत दिनों लखनऊ में खुफिया एजेंसियों के साथ हुई मुठभेड़ में मारे गये कथित आतंकी सैफुउल्ला प्रकरण की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराने की मांग की है। डॉ. पाल ने पत्र में कहा है कि उक्त प्रकरण को लेकर समाज में नागरिकों के बीच तमाम भ्रांतियां व भ्रम व्याप्त है, खास कर कानपुर के नागरिकों में। उन्होंने भ्रम निवारण के लिए उक्त प्रकरण की न्यायिक जांच करायी जानी चाहिए। न्यायिक जांच से दूध का दूध व पानी का पानी हो जायेगा व सच्चाई जनता के सामने आयेगी।डॉ.पाल ने पत्र में कहा है कि उन्हें जानकारी मिली है कि सच्चाई कुछ और है। लिहाजा वास्तविकता का पता लगाया जाना चाहिए। उनका कहना है कि देश के किसी भी नागरिक के जीवन का राष्ट्र के लिए काफी महत्व है। मृतक कथित आतंकी यदि दोषी था, तो उस अनुरूप आवश्यक कदम उठायें जायं और यदि जांच में वह निदरेष निकलता है तो दोषियों को सजा दी जाय। उन्होंने पत्र में यह भी कहा है कि यदि राष्ट्रपति इस मामले में हस्तक्षेप कर उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराने विषयक कदम नहीं उठाते हैं, तो उक्त प्रकरण के पीछे उनकी भी मौन स्वीकृति मानी जायेगी।
द सहारा न्यूज ब्यूरोकानपुर।
लखनऊ के कथित आतंकी मुठभेड़ कांड
कानपुर विवि के शिक्षक ने लिखा राष्ट्रपति को पत्र
पत्र में कहा गया है कि उक्त प्रकरण को लेकर समाज में नागरिकों के बीच तमाम भ्रांतियां व भ्रम है
कानपुर विवि के वरिष्ठ शिक्षक डॉ.वीएन पाल ने देश के राष्ट्रपति को पत्र लिखकर विगत दिनों लखनऊ में खुफिया एजेंसियों के साथ हुई मुठभेड़ में मारे गये कथित आतंकी सैफुउल्ला प्रकरण की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराने की मांग की है। डॉ. पाल ने पत्र में कहा है कि उक्त प्रकरण को लेकर समाज में नागरिकों के बीच तमाम भ्रांतियां व भ्रम व्याप्त है, खास कर कानपुर के नागरिकों में। उन्होंने भ्रम निवारण के लिए उक्त प्रकरण की न्यायिक जांच करायी जानी चाहिए। न्यायिक जांच से दूध का दूध व पानी का पानी हो जायेगा व सच्चाई जनता के सामने आयेगी।डॉ.पाल ने पत्र में कहा है कि उन्हें जानकारी मिली है कि सच्चाई कुछ और है। लिहाजा वास्तविकता का पता लगाया जाना चाहिए। उनका कहना है कि देश के किसी भी नागरिक के जीवन का राष्ट्र के लिए काफी महत्व है। मृतक कथित आतंकी यदि दोषी था, तो उस अनुरूप आवश्यक कदम उठायें जायं और यदि जांच में वह निदरेष निकलता है तो दोषियों को सजा दी जाय। उन्होंने पत्र में यह भी कहा है कि यदि राष्ट्रपति इस मामले में हस्तक्षेप कर उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराने विषयक कदम नहीं उठाते हैं, तो उक्त प्रकरण के पीछे उनकी भी मौन स्वीकृति मानी जायेगी।
द सहारा न्यूज ब्यूरोकानपुर।

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