नोट में और चेक में क्या फर्क है ?
नोट पर गवर्नर(जारीकर्ता) के हस्ताक्षर होते है, और चेक पर धारक/जारीकर्ता के हस्ताक्षर होते हैं l
यदि चेक bounce हो जाती है तो जारीकर्ता को सजा का प्रावधान है, और यदि कोई नोट को लेने से मना कर दे तो मना करने तो वाले(banks) को अविश्वसनीय और जारीकर्ता को सजा मिलनी चाहिए l
नोट जारी करने वाले गवर्नर को बिना शर्त लिखित टिप्पणी/ वादा के अनुसार नोट के बदले रुपया (चांदी का सिक्का) RBI / Banks के माध्यम से देना होगा l
लिखित टिप्पणी / वादा का मतलब केवल कटे - फटे सड़े गले / प्रचलन से बाहर या नोटबंदी के शिकार नोटों को बदलना नहीं है , बल्कि धारक की इच्छानुसार रुपयों की मांग पूरी करनी है l
मना करने पर "केंद्र सरकार द्वारा प्रत्याभूत" के अनुसार banks में जमाधन के लिए केंद्र सरकार की मदद से अदाएगी सुनिश्चित है l लेकिन अगर केंद्र सरकार पीछे हटती है मदद नही करती है तो उस पर भी आम जनता का विश्वास ख़तम हो जाना चहिये l वैसे भी केंद्र सरकार का भारतीय संविधान में कोई जिक्र नही है ;इस तरह से सभी नोटों पर सवालिया निशान खड़ा हो जाता है l
1.मेरे पास एक रुपया है कागज का जिस पर भारत सरकार लिखा है l वित्त सचिव के हस्ताक्षर है गवर्नेर के नहीं l ऐसा लगता है की RBI केंद्र सरकार के अधीन है भारत सरकार के नही हैl2.मेरे पास एक रुपया है धातु का जिस पर भारत लिखा है l सरकार गायब है l
3.मेरे पास एक रुपये जो कागज/धातु के हैं के अलावा अन्य Denomination के सभी प्रकार के नोट्स भी हैं जिस पर भारत सरकार गायब है भारतीय रिजर्व बैंक लिखा है, जिनका वित्तमंत्रालय से कोई सम्बन्ध नही है l सोने - चांदी के सिक्कों के बदले नोट्स छापे(जारी किये) गये थे और उन पर Promise-nary Note अंकित किया गया था l
4. सुनार की विश्वसनीयता की तर्ज पर बैंको का प्रादुर्भाव हुआ और किसी भी क्षण Promise-nary Note धारक को इस बात की गारंटी थी की ओ कभी भी सोने चांदी के सिक्के ले सकते हैं l कालांतर में विश्वसनीयता बढती गयी Promise-nary Note प्रचलन में आ गये सोने - चांदी के सिक्कों को भूल गये l
हाल की घटनाओं (नोट - बंदी) को लेकर असुबिधापुर्वक क्रियान्वयन से / मनाही से / तरह तरह के स्पष्टीकरण / शर्तों से RBI और Banks की विश्वसनीयता समाप्त हो गयी है l भविष्य में सोने - चांदी के सिक्कों तरह से Promise-nary Note / Cheques / DD / Digital Money भी गायब होना स्वाभाविक है l Digital Record तो कभी भी Hack / ध्वस्त हो सकता है अतः निम्न सुझाव के साथ सावधान !
Note के बदले रुपया यानि चांदी का सिक्का banks/RBI से ले लेना चाहिए क्योंकि banks/RBIअविश्वसनीय हो गयीं हैं सबकी गरीबी दूर हो जाएगी चांदी के सिक्के को सुनार के यहाँ चांदी के भाव बेचकर नोट लीजिये फिर नोट के् बदले रुपया यानि चांदी के सिक्के banks/RBI से ले जिन्हें सुनार के यहाँ चांदी के भाव बेचकर नोट लीजिये इस प्रक्रिया को बार बार दुहरायें सबकी गरीबी दूर हो जाएगी-
Well said Sir
ReplyDeleteसाधुवाद --
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