Wednesday, 22 March 2017

l नकलविहीन परीक्षा का एक मात्र निशुल्क विकल्प ll
अब तक नक़ल पर नियंत्रण करने के लिए जितने भी विकल्प बनाये गये है ओ सभी अप्रसांगिक सवित हुए है, एक बार भाजपा सरकार में नकल को संघीय अपराध की श्रेणी में रखकर कानून बना था इसके बावजूद भी नक़ल माफिया नक़ल अध्यादेश की धज्जिया उड़ाकर सफल थे और रहेंगे l
मेरे पास इस बीमारी का इलाज है जिसका मैंने स्वयं प्रयोग किया है तमाम शिक्षाविदों में चर्चा की है शासन और प्रशासन को व्यग्तिगत एवं लिखित रूप से अवगत कराया है l समाचार पत्रों में भी प्रकाशित है l राजभवन ने उसे संज्ञान में भी लिया है लेकिन विश्वविद्यालय के कतिपय अधिकारी अपनी स्वास्थ्यपुर्ती के लिए लागू नही करना नही चाहते हैं l मेरा दावा है कि यदि मेरे विकल्प को मात्र सिन्धांतता स्वीकार कर लिया जाये तो नक़ल की तो छोडियेगा नकलची कभी प्रवेश ही नहीं लेगाl
मेरा सुझाव यह है कि "नक़ल के लिए जितने भी प्राविधान है उन्हें समाप्त कर दिया जाय, नकल को मौलिक अधिकार में शामिल कर दिया जाये l नकल करते हुए छात्र से लिखित रूप में लिया जाता है कि वह नक़ल करते हुए पकड़ा गया है उसके इस लिखित वकतव्य को संज्ञान में लेकर अंकतालिका पर दिखा दिया जाये - यानि की केवल अंकतालिका पर सम्बंधित अंको के सामने U F M (Unfair Means) अंकित कर दिया जाये l" और प्रमाणपत्र ( Degree ) पर भी अंकित किया जाये ll
विस्तार से अधिक चर्चा के लिए खुले मंच पर स्वागत है l

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