जिलाधिकारी कानपूर नगर / राष्ट्रपति के माध्यम से राष्ट्र के नाम खुला पत्र --३१-०५-१७ समय ३-१३-१३
प्रतिष्ठा में --
मान्यवर सदस्यगण ,
Electoral college of President
द्वारा-उचित माध्यम
जिलाधिकारी कानपूर नगर / राष्ट्रपति -भारत
विषय -- राष्ट्रपति / उपराष्ट्रपति २०१७ के चुनाव में भाग लेने हेतु -
मान्यवर ,
विवेक स्पर्श के साथ कानपूर - उत्तर प्रदेश से डॉ पाल
स्मृति शेष प्रो.ऐ .पी . जे . अब्दुल कलाम जिन्होंने 12-11-2013 को हमारी माँ सद्र्श शिक्षा संस्थान जनता कालेज बकेवर इटावा उ प्र में अपने संबोधन में अचानक "जीवित आदर्श परुष के रूप में " मेरा नाम लेकर मुझे आश्चर्य चकित कर दिया था l वह कहते थे कि सभी को सपने देखना चाहिए जो उन्हें सोने न दे और मैं उनका मुरीद होकर उनके विचारों का शिकार हो गया l महापुरुषों को ख़ुशी होती है जब कोई उनका अनुयायी उन्हें मात दे मैंने भी बहतर करने की ठान ली l मेरा पूरा जीवन राष्ट्र को समर्पित है l अभी अभी हाल में मैंने सशरीर अपनी चल अचल सम्पत्तियों को राष्ट्र के नाम दान करने के लिए राष्ट्र के मुखिया के साथ पत्राचार किया है राष्ट्रपति के स्तर पर प्रभावी कार्यवाही की प्रतीक्षा है l अब तक जरूरतमंद लोगों को ४२ बार जिसमें स्मृति शेष धर्म सिंह रावत IAS भी हैं रक्तदान किया है मेरे जीवन एक एक पल राष्ट्र निर्माण के लिए चिंतित है समर्पित है l जीरो बजट पर शक्तिशाली / गौरवशाली / बैभवशाली राष्ट्र निर्माण की ही नहीं बल्कि पूरे विश्व की जो परिकल्पना की गयी थी उसकी प्राप्ति के लिए स्थानीय मान के अभाव में मान्यता नहीं मिल पा रही है गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है l मैं उन लोगों में से एक हूँ जो अणु और परमाणु को नगीं आखों से नहीं देख सकते लेकिन तोड कर विश्व के कोने कोने में प्रकाश् का संचरण कर दिया है l पूरी दुनियां को विश्व घर / Global Home बना दिया है l अतिनिर्धन / साधनहीन व्यक्ति अपने परिश्रम से विना किसी जोड़ तोड़ के कैसे संपन्न हो गया ? इसका जीता जागता उदाहरण हूँ मैं l काश ! यदि अवसर मिले तो न केवल अपने राष्ट्र को बल्कि पूरे विश्व की कायाकल्प कर दूं l
पूरे विश्व में विशेषकर अपने राष्ट्र में येन केन प्रकारेण कुछ तत्व अपना बर्चस्व स्थापित करने में लिप्त हैं और पूरे राष्ट्र / विश्व को घंटी की तरह हिला रहे हैं l बहुत कम लोग हैं जिन्हें राष्ट्र / विश्व बचाव में रूचि है l हम विश्व युद्ध के मुहाने पर खड़े हैं l कभी भी विस्फोट हो सकता है l ऐसे में हम सबको अपने निहित स्वार्थों को तिलांजलि दे कर परम्परागत गुलामी का का परित्याग कर विश्व के सबसे ताकतवर प्राणी के रूप में अहम भूमिका निभानी होगी अन्यथा इतिहास हमें कभी माफ़ नहीं करेगा l
आजकल हमारे राष्ट्र में राष्ट्रपति / उपराष्ट्रपति के लिए पात्रों की तलाश जोर शोर के साथ जारी है कोई भी स्वयं निकल के नहीं आ रहा है मुट्ठीभर लोग स्वयं आगे न आकर दूसरों के उपर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी लादकर अपनी शक्ति प्रदर्शन का प्रयाश करने में जी जान से जुट गये हैं l जो भी आएगा उसे अपना कार्यकाल एक विशिष्ट कैदी की तरह ब्लैक कैट कमांडो के बीच वितानी होगी l ऐसे पात्रों से राष्ट्र के नागरिकों की सुरक्षा कैसे संभव है जो स्वयम अपनी सुरक्षा न कर पायें l हमारा राष्ट्रपति / जनप्रतिनिधि ऐसा होना चाहिए जो सबका प्यारा हो कोई उसे मारने की न सोचे l
संप्रभु नागरिक होने के नाते मैंने एक विज्ञापन / अधिसूचना face book / twitter / blogs / email / whats app आदि सोशल मीडिया के माध्यम से जारी की थी l आशा / अपेक्षा की थी कि कोई सक्षम व्यकित्त्व तो आत्म अवलोकन / आत्म परिक्षण करके निकल के आएगा पर निराशा ही हाथ लगी l ऐसा लगता है कि कोई भी इसके पात्र नहीं है फिर भी कोई न कोई तो बनेगा ही l ऐसे में अपनी आजाद जिन्दगी को को विशिष्ट कैदी की तरह काटने के लिए अधिकांश महाभ्रष्टों के द्वारा चुनाव जीतकर देश के महाभ्रष्टों का मसीहा बनना क्या उचित रहेगा ? हाँ यदि पूरा राष्ट्र निर्विरोध अवसर दे तो ऐतिहासिक उत्तरदायित्वों के निर्वहन के लिए विचार किया जा सकता है l २० वर्ष पूर्व छत्रपति साहू जी महाराज विवि कानपूर में President KURTA का निर्विरोध अवसर मिला था ऐतिहासिक उत्तरदायित्व निभाया था l मेरे उस कार्यकाल को हमेशा याद किया जायेगा l विशिष्ट कैदी की भूमिका में जीना मुझे पसंद नहीं l मैं ही नहीं विश्व का प्रत्येक प्राणी उमंग एवं तरंग के साथ आरोग्य रहकर हजारों साल तक जिन्दा रहना चाहता है l मैंने १३१३ साल तक जीने का संकल्प लिया है शोध कार्य प्रगति पर है l
तथाकथित आजाद भारत में गुलामी की परम्परागत जंजीरें तोड़कर स्वक्षन्द मानसिकता से लोकतंत्र के सजग प्रहरी की भूमिका में राष्ट्रपति / उपराष्ट्रपति के लिए स्वयम आगे आयें l अन्यथा की स्थिति में मैं सभी जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों को जो Electoral college of President / Vice President में हैं को एक अवसर दे रहा हूँ कि वे मेरे व्यक्तित्व / कृतित्व के बारे में गहन छान बीन करें और मुझे अयोग्य घोषित करने का भरषक प्रयास करें l
आप सबके विचारार्थ अपने बारे में संक्षिप्त जानकारियां--
"मैं दुनियां का सबसे ज्यादा गिरा हुआ प्राणी हूँ कृपया मुझे उठाओ ना " डॉ पाल
सुदूर साधनविहीन गाँव केशोंपुर शेरपुर बकेबर इटावा उ प्र में ४-१०-५५ को जन्म लिया १३ वर्ष की आयु में माँ का साया छीन गया
स्वयम पूरे परिवार की जिम्मेदारी का भार लेकर वहीं गाँव में पला / बढ़ा / पास में जनता कालेज बकेवर इटावा उ प्र से गणित में परास्नातक किया फिर IAS मेरठ विवि से M.Phil.व् I I T Kanpur से Ph.D.हेतु तमाम शिक्षा संस्थानों में अध्ययन अध्यापन के दौर से गुजरता हुआ सम्प्रति छत्रपति साहू जी महाराज विवि कानपूर के UIET में पछले २० वर्षों से गणित आचार्य / विभागाध्यक्ष के रूप में राष्ट्र सेवा में लिप्त हूँ l सामाजिक एवं वैज्ञानिक सोच पर आधारित समाज सुधारक के रूप में राष्ट्र की ज्वलंत समस्याएं --रोटी , कपड़ा, मकान, सड़क , बिजली , पानी , शिक्षा स्वास्थ्य सुरक्षा जिनका एक नाम आतंकवाद है के समाधान ०१-०४-२०१० को तत्कालीन राष्ट्रपति महोदया श्रीमती प्रतिभा देवी सिंह पाटिल को राष्ट्र भवन में प्रस्तुत करने का अवसर मिला था जिसे उनहोंने अध्ययन एवं क्रियान्वन हेतु तत्कालीन संयुक्त सचिव श्री वरुण मित्रा को प्रतिनियुक्त किया था l उनकी उदासीनता ने सब कुछ चौपट कर दिया l काश ! उन विकल्पों को गंभीरता पूर्वक विचार कर राष्ट्रपति के संज्ञान में लाया गया होता क्रियान्वयन किया गया होता तो तो आज हमारे राष्ट्र का स्वरुप ही कुछ और होता l
उत्तर प्रदेश के राज्यपालों से भी मिलकर निरंतर प्रयासरत रहा हूँ अभी हाल ही में मार्च / अप्रेल २०१७ में तीन बार मिलकर अपने उपरोक्त विकल्पों को पहुचाने का प्रयास किया गया बक्त की कमी का रोना रोया गया l मैंने एक हादशा मानकर वक्त देने / कोई प्रतिनिधि नियुक्त करने का आग्रह किया l प्रयाश असफल l इन नकारात्मक निर्णयों से मैं बेहद व्यथित हूँ और राष्ट्र की दुर्दशा देखने के लिए निरंतर विवश हूँ l
तमाम जनों से विचार विमर्श के उपरांत राष्ट्रपति / उपराष्ट्रपति २०१७ के चुनाव में भाग लेने का निर्णय ले रहा हूँ प्रस्तावक / समर्थक /मतदान के लिए उन्हीं Electoral college of President / Vice President के सदस्यों का स्वागत है जो अपनी अंतरात्मा की आवाज पर भ्रष्टाचार , व्यवभिचार एवं कुविचारों से मुक्त हों l
संबंधितों के विवेक की अग्नि परीक्षा का आकांक्षी --
आपका ही --
डॉ विजय नारायण "पाल "
सामान्य संप्रभु नागरिक भारत (जन्म से )
गणित आचार्य / विभागाध्यक्ष
UIET कानपुर
(छत्रपति साहू जी महाराज विवि कानपूर )
05122770066,7850838083, 8765071871, 8765381614, 9305574610, 7007967764, 7266010745
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